पहले तय कीजिए कि "गलत हुआ" कहाँ मानेंगे
पैटर्न सीखने से पहले यही आता है. किस भाव पर मानेंगे कि मेरा अंदाज़ा गलत था? जिस अंदाज़े में यह बिंदु नहीं, उसे जाँचा भी नहीं जा सकता.
अमान्य बिंदु क्या है
वह एक भाव जहाँ आप कहेंगे: "मैं जो देख रहा था, वह अब बचा ही नहीं."
- डबल बॉटम में — दूसरी तली टूटने पर
- ब्रेकआउट में — जिस पट्टी से निकला था, उसके नीचे लौटने पर
पहले क्यों
घाटे में आकर तय करेंगे तो हमेशा उसे और दूर सरकाएँगे. "बस थोड़ा और, लौट आएगा" — यह वजह उसी पल गढ़ी जाती है.
घुसने से पहले ठंडे दिमाग से तय होता है. घुसने के बाद नहीं.
"गलत हुआ" असफलता नहीं है
अंदाज़े गलत होते हैं, यह सामान्य है. दिक्कत गलत होने की नहीं, गलत होने का पता न चलने की है.
अमान्य बिंदु हो तो वह पल तारीख़ के साथ दर्ज रह जाता है. जो दर्ज रहता है वह गिना जा सकता है, और जो गिना जा सकता है वह सुधारा जा सकता है.
यहीं ज़्यादातर लोग फिसलते हैं
अमान्य बिंदु को स्टॉप-लॉस समझ लेना. दोनों अलग हैं. स्टॉप पैसे का सवाल है, अमान्य बिंदु चार्ट का. पहले चार्ट पर बिंदु तय कीजिए — अगर वह आपकी सहने की हद से बड़ा है तो वह सौदा छोड़ दीजिए.
यह सीखने के लिए है, निवेश सलाह नहीं.
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